शिश्न चर्म रोग (SKIN DISEASES OF THE PENIS)
शिश्न चर्म रोग (SKIN DISEASES OF THE PENIS) परिचय : लिंग के अगले भाग को सुपारी कहते हैं। लिंग का अगला भाग (सुपारी) खाल से ढका होता ...
शिश्न चर्म रोग (SKIN DISEASES OF THE PENIS) परिचय : लिंग के अगले भाग को सुपारी कहते हैं। लिंग का अगला भाग (सुपारी) खाल से ढका होता ...
परिचय : बिना सन्तुष्टी के संभोग करते हुए अगर वीर्य स्खलन हो जाये तो उसे शीघ्रपतन कहा जाता है। कारण : अश्लील वातावरण म...
पौरुषग्रंथि का बढ़ना व सूजन (ENLARGEMENT OF PROSTATE GLAND AND ITS SWELLING) परिचय : पौरुषग्रंथि जब बिना किसी कारण के ही बढ़ जाती है ...
परिचय : बिना कारण अथवा बिना इच्छा के लिंग की उत्तेजना बढ़ने को लिंगोद्रेक कहते हैं। यह जन्मजात दोष और मूत्रमार्ग संक्रमण के कार...
चिकित्सा कमीला- 10 ग्राम कमीला को पीसकर 50 मिलीलीटर सरसों के तेल में मिलाकर आग पर गर्म करके ठंडा होने पर लिंग पर लगाने से लिंग का गलना ...
परिचय : संभोग करने के लिए लिंग का छोटा या बड़ा होना ज्यादा मायने नहीं रखता है। कुछ लोग अपने लिंग को छोटा होने पर अपने दिमाग ...
लिंग दोष (Defect of the penis) 1. जौ : सूखा जौ पीसकर तिल के तेल में मिलाकर लिंग पर लगाने से लिंग के इन्द्री के दोष दूर हो जाते हैं। नो...